राजस्थान की लोक कला एवं संस्कृति Cover Image

म्हारो प्यारो गाँव
देराणी जेठाणी मिल बैठ अर करती धान हळियो
सगळा परिवार के एक हांडी मे बणतो खिच अर दळियो
सगळा भाईड़ा जिमता भेळा
जिन्दगी रा रंग हा निराळा
#rajasthan

पुराणती टेम घणी याद आवै है ।

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बैठ भलाहीं डागलै , मत कर कागा कांव ।
चित चैते अर नैण में , घुमण लागै गांव
मन रहता व्याकुल सदा , पाने माँ का प्यार ।
लिखी मात की पातियां , बाँचू बार हजार ॥
#rajasthan

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टेँशन तो बाने है जका खोटा काम कर अर रिप्या भेळा कर राख्या है गुदङा म लुकायेङा है

बीनणीयां ने तो नरेगा म सौ सवा सौ रिप्या देवे है दिन रा
कोई बात री टेँशन कोणी

मौज बणयोङी है #rajasthan

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#goodnight

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