भारत-चीन सीमा पर हालात बेहद नाजुक हैं।ये ज्यादा दिन तक नहीं चल सकते।या तो समझौते से दूर हो सकते हैं या युद्ब ही आखिरी विकल्प होगा।चीन के पास रुसी एयर डिफेंस सिस्टम S-400 पहले से ही है।परसों रुस ने कहा बताते हैं कि भारत अपनी लिस्ट भेजे,तीन महीने में सप्लाई दे दी जाएगी।तीन महीने तक ये स्थिति नहीं चल सकती। इजरायल ने अपना बेहतरीन एयर डिफेंस सिस्टम बराक-8 भारत को देने की हामी भरी है।देखते हैं कौनसा पहले मिलता है।चीन के परिपेक्ष्य में रुस की बजाय इजरायल पर ज्यादा भरोसा किया जा सकता है। अमेरिका खुलकर भारत के पक्ष में आ चुका है। नेपाल का इलाज करने के लिए सीआरपीएफ ही काफी है। हिमाकत चीन ने की है।सारी दुनियां में कोरोना फैला कर खुद सेफ है।भारत को मजबूरी में सेना लगानी पड़ी है।ये कोई यकायक नहीं हुआ है।चीन ने इसकी गुपचुप पूर्व तैयारी की है। नेपाल, भूटान जैसे एहसान फरामोश देशों को सामिल किया। आस-पास के छोटे देशों को भारत आज तक माली इमदाद और संसाधन देता रहा है। नेपाल,भूटान, मालदीव, अफगानिस्तान आदि की सहायता करता करता रहा है। अफगानिस्तान का संसद भवन भी भारत ने ही बनवा कर दिया है। अफगानिस्तान, भारत के साथ ही है।पाकिस्तान तो सदा का ही दुश्मन देश है। चीन इस खुराफात का कारण क्या हो सकता है?अंदर से भी कुछ लोगों की शरारत हो सकती है।