एक असली शिक्षक वही होता है जो अपने विद्यार्थियों को हर जगह ढूंढ़ लेता है।

कोरोना वाले पीरियड में शिक्षक ऑनलाइन पढ़ाने लग गये लेकिन उनको पढ़ाने का वो मजा नही आया जो बच्चों को सामने बिठा कर पढ़ाने में आता है।

आप जो यह फोटो देख रहे है इसमें बच्चों को पढ़ाने वाले का नाम अजित सिंह नागल है। पढ़ने वाले बच्चे इनके ही गाँव देवराला(गामड़ी) के है। जो अप्रैल माह से लगातार शाम को 5 से 7 बजे तक रोजाना पढ़ने के लिए आ रहे है।

बच्चों को आधुनिक पढाई के साथ-साथ हमारे बुजुर्गों की सिख भी लोक कहावतों से दी जा रही है।

इस फ़ोटो में आपको एक छोटा बच्चा भी घूमते हुए दिख रहा है जो वक़्त वक़्त पर इन सबका मनोरंजन करने के लिए पहुंच जाता है।

एक खास बात आपको इन सब बच्चों में एक भी ऐसा बच्चा नही दिखेगा जिसको जबरदस्ती पढ़ाया जा रहा हो। यही बात इन गुरू चेलों को खास बनाती है।

क्लास हमेशा ही प्रकृति की में ही लगती है।

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