नेपाल ने चीन की छत्र-छाया में भारत के उत्तराखण्ड के पिथौरागढ जिले के तीन क्षेत्रों "कालापनी , लिम्पूलेख और लिम्पियाधुरा " क्षेत्रों को अपने नक्शे में मिला कर उसे अपनी संसद के द्वारा 100% बहुमत से स्वीकृत भी करवा लिया है ।

जनाब "ओली" साहब-

किसी अन्य देश के कब्जे की जमीन सिर्फ संसद के द्वारा स्वीकृत करवाने से ही यदि अपने देश में मिलती होती तो संपूर्ण कश्मीर कब का ही भारत में मिल गया होता क्यूँ कि भारतीय संसद भी संपूर्ण कश्मीर का भारत में विलय का प्रस्ताव बहुमत से पास कर चुकी है ।

धन्यवाद ॥