होता एहसास जब कभी अकेलेपन का
तुझपे ही सिर रखकर सुकून पाता हूं।।

तू अजीज है मेरी ,,, ए - किताब
तेरे हर पन्ने में खुद को लिक्खा पाता हूं।।

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