सभी पक्षों की बात सुनो और समझो
यकीन मानो बेहतर व्यवहार करोगे
बेहतर इंसान बनोगे
एक तरफा सोच छोटी सोच होती है
उदाहरण के लिए कॉंग्रेस व बीजेपी.
इंडिया और पाकिस्तान
सबकुछ गलत नहीं और सबकुछ सही नहीं है
पर कर्म करना ही पड़ता है
महाभारत एवं रामायण हमारे जीवन में रोज होते है
ये आपको चुनाव करना है कि रामायण हो या महाभारत.
दुर्योधन भी कयी मायनों में महान था. पर कुल मिलाकर अधर्मी था.
पाप से डरो पापी से नहीं
कोरोना से लडो मरीज से नहीं
और भी बहुत सी बातें हैं समझदार को इशारा ही काफी