रोचक कहानियाँ Cover Image

यदि बच्चे बड़े होकर पूछते हैं कि आपने हमारे लिए क्या किया....??तब.... ऐसी एक तस्वीर बताने के लिए काफी है....

सुखी जीवन के लिए महाभारत से ये 10 बातें ग्रहण करें।

imageimage
+8

जब एक शख्स लगभग पैंतालीस वर्ष के थे तब उनकी पत्नी का स्वर्गवास हो गया था। लोगों ने दूसरी शादी की सलाह दी परन्तु उन्होंने यह कहकर मना कर दिया कि पुत्र के रूप में पत्नी की दी हुई भेंट मेरे पास हैं, इसी के साथ पूरी जिन्दगी अच्छे से कट जाएगी।
पुत्र जब वयस्क हुआ तो पूरा कारोबार पुत्र के हवाले कर दिया। स्वयं कभी अपने तो कभी दोस्तों के आॅफिस में बैठकर समय व्यतीत करने लगे।
पुत्र की शादी के बाद वह ओर अधिक निश्चित हो गये। पूरा घर बहू को सुपुर्द कर दिया।
पुत्र की शादी के लगभग एक वर्ष बाद दोहपर में खाना खा रहे थे, पुत्र भी लंच करने ऑफिस से आ गया था और हाथ–मुँह धोकर खाना खाने की तैयारी कर रहा था।
उसने सुना कि पिता जी ने बहू से खाने के साथ दही माँगा और बहू ने जवाब दिया कि आज घर में दही उपलब्ध नहीं है। खाना खाकर पिताजी ऑफिस चले गये।
थोडी देर बाद पुत्र अपनी पत्नी के साथ खाना खाने बैठा। खाने में प्याला भरा हुआ दही भी था। पुत्र ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और खाना खाकर स्वयं भी ऑफिस चला गया।
कुछ दिन बाद पुत्र ने अपने पिताजी से कहा- ‘‘पापा आज आपको कोर्ट चलना है, आज आपका विवाह होने जा रहा है।’’
पिता ने आश्चर्य से पुत्र की तरफ देखा और कहा-‘‘बेटा मुझे पत्नी की आवश्यकता नही है और मैं तुझे इतना स्नेह देता हूँ कि शायद तुझे भी माँ की जरूरत नहीं है, फिर दूसरा विवाह क्यों?’’
पुत्र ने कहा ‘‘ पिता जी, न तो मै अपने लिए माँ ला रहा हूँ न आपके लिए पत्नी,
*मैं तो केवल आपके लिये दही का इन्तजाम कर रहा हूँ।*
कल से मै किराए के मकान मे आपकी बहू के साथ रहूँगा तथा आपके ऑफिस मे एक कर्मचारी की तरह वेतन लूँगा ताकि *आपकी बहू को दही की कीमत का पता चले।’’*
*👌Best message👌*
*-माँ-बाप हमारे लिये*
*ATM कार्ड बन सकते है,*
*तो ,हम उनके लिए*
*Aadhar Card तो बन ही सकते है..
दोस्तों पोस्ट अच्छी लगे तो शेयर जरूर करें..

*बहुत सुंदर प्रसंग*
👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻
*एक राजा ने यह ऐलान करवा दिया कि कल सुबह जब मेरे महल का मुख्य दरवाज़ा खोला जायेगा तब जिस शख़्स ने भी महल में जिस चीज़ को हाथ लगा दिया वह चीज़ उसकी हो जाएगी।*
*इस ऐलान को सुनकर सब लोग आपस में बातचीत करने लगे कि मैं तो सबसे क़ीमती चीज़ को हाथ लगाऊंगा।*
*कुछ लोग कहने लगे मैं तो सोने को हाथ लगाऊंगा, कुछ लोग चांदी को तो कुछ लोग कीमती जेवरात को, कुछ लोग घोड़ों को तो कुछ लोग हाथी को, कुछ लोग दुधारू गाय को हाथ लगाने की बात कर रहे थे।*
*जब सुबह महल का मुख्य दरवाजा खुला और सब लोग अपनी अपनी मनपसंद चीज़ों के लिये दौड़ने लगे।*
*सबको इस बात की जल्दी थी कि पहले मैं अपनी मनपसंद चीज़ों को हाथ लगा दूँ ताकि वह चीज़ हमेशा के लिए मेरी हो जाऐ।*
*राजा अपनी जगह पर बैठा सबको देख रहा था और अपने आस-पास हो रही भाग दौड़ को देखकर मुस्कुरा रहा था।*
*उसी समय उस भीड़ में से एक शख्स राजा की तरफ बढ़ने लगा और धीरे-धीरे चलता हुआ राजा के पास पहुँच कर उसने राजा को छू लिया।*
*राजा को हाथ लगाते ही राजा उसका हो गया और राजा की हर चीज भी उसकी हो गयी।*
*जिस तरह राजा ने उन लोगों को मौका दिया और उन लोगों ने गलतियां की।*
*ठीक इसी तरह सारी दुनियाँ का मालिक भी हम सबको हर रोज़ मौक़ा देता है, लेकिन अफ़सोस हम लोग भी हर रोज़ गलतियां करते हैं।*
*हम प्रभु को पाने की बजाए उस परमपिता की बनाई हुई दुनियाँ की चीजों की कामना करते हैं। लेकिन कभी भी हम लोग इस बात पर गौर नहीं करते कि क्यों न दुनियां के बनाने वाले प्रभु को पा लिया जाए*
*अगर प्रभु हमारे हो गए तो ही उसकी बनाई हुई हर चीज भी हमारी हो जाएगी*🙏🏻 🌹🙏
जय राम जी की 🙏🙏🙏

इनका नाम नसीमा हैं जो अपनी बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती थीं । इनसे मिलने के लिए इनके पति रोज़ आते और ICU के बाहर इंतज़ार करते रहते थे । एक रविवार डाक्टर ने इजाज़त दी , की नसीमा के पति अपनी बीवी को कुछ देर बाहर तफ़री के लिए ले जा सकते हैं। ये साहब अपनी पत्नी को बाहर टहलाने ले आये और बिना किसी हिचक और शर्म के अपने हाथ में यूरिन बैग पकड़ लिया ।

आज के समय में जब लोग अपनी मुहब्बत को अपना हाथ देने से कतराते हैं , इस बंदे ने हाथ में जो पकड़ा हुआ है वो कोई ऐसा बन्दा ही पकड़ सकता है जिसने बिना शर्त प्यार किया हो ।
आज के दौर में जब लोग साथ ना दे पाने के सौ कारण दे देते हैं वहाँ इस जैसा एक बन्दा हर हालत में साथ देने का बस एक कारण देता है औऱ वो कारण है सच्ची मुहब्बत। बस दुआ है कि इस दुनिया मे ऐसी मुहब्बतें ज़िंदा रहें। ये मोहब्बतें ही हैं जो ज़िंदगी भर की दुआ बनकर साथ चलती हैं ।

वो प्यार जो मैं इनकी आँखों में देख पा रही हूँ वो अद्भुत है। क्या होता है साथ निभाना ? क्या होता है प्रेम ? बस वही सुकून जो इस वक़्त इस बंदे की आँखों में दिखाई से रहा है। ये सुकून ही मुहब्बत है।

इनके चेहरे पे जो रूहानी इश्क़ दिख रहा है ना ! उसके लिए कोई अभिव्यक्ति नहीं है। प्यार , बहुत सारे वादों के क़सीदे नहीं पढ़ता । प्यार , मजबूरियों के गाने भी नहीं गाता। प्यार बस साथ नहीं छोड़ता, हाथ नहीं छोड़ता। बंद कमरे के अंदर प्यार को अस्तित्व नहीं मिलता है। प्यार को अस्तित्व मिलता है उसके स्वीकार पर उसके सम्मान पर । प्रेम करने वाले के चेहरे पर अपने प्यार के लिए मान होता है , सम्मान होता है और एक अलग सा लाड़ होता है। गोद में सर रखकर सोने में सुकून होता है।

बरहाल ये बंदा इश्क़ की सारी तहरीरों और दावों से जुदा जिस प्यार से अपनी साथी को देख रहा है बस वही इक नज़र बहुत है उम्र भर के लिए ।

इन साहब के चेहरे के भाव देखिये और उस लड़की के भाव भी देखिये। इनको देखकर मैं कह सकती हूँ कि
" हाँ मैंने इश्क़ का चेहरा देखा है।
हाँ , मैंने इश्क़ को इश्क़ करते देखा है "

ऐसी आत्मिक और निहायत ही रूहानी इक नज़र के लिए उम्र भर तरसते मुझ जैसे जाने कितनों की तलाश अभी जारी है।

#nidhinitya #love
# ज़िंदगीकेसच # ज़िंदगीकेनूर # अधूरेइश्क़ # अनकहीशिकायते

image
About

hindi stories