डॉ. तकलीफ Cover Image

आन्दोलनजीवी #fake_propaganda

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सब पूछ रहे है ये मिया खलीफा कौन है
🤔
राहुल बाबा की मौसी बोल के पीछा छुड़ाया !!
😂😂

#kisanprotest #mia_khalifa #farmers_protest #fake_propaganda #india #rahulgandhi

टकराव को टालना असंभव प्रतीत हो रहा है ...........

सरकार इनकी पंद्रह माँगो मे से नौ माँगे मान चुकी है । बरगलाकर लाये किसान उत्साहित है कि , अंतत: बिल वापिस करा ही लेंगें ..........

अंदर खाते से जो खबरे आ रही है वो निराशाजनक है । 26 जनवरी को अगर इन राजनीतिक ऐजेंडो के गुलाम किसान नेताओ के इशारे पर , कुछ भी गडबड हुई तो , सरकार सख्त ऐक्शन लेने पर मजबूर हो जायेगी । ............

खुद को सैनिको के पिता कहने वाले इन की समझ मे क्यों नही आ रहा है कि गणतंत्र दिवस की परेड हमेशा से आतंकवादियो के निशाने पर रही है । परेड मे ट्रैक्टर लेकर घुसने के इनके मसूबो पर पानी फेरना जरूरी है ।

इन बुद्धिहीनो की समझ मे क्यों नही आ रहा है कि अगर तथाकथित किसानो की आड मे कशमीरी जेहादियो की टुकडी , तमिल मुक्ति चीते , पूर्वोत्तर के आतंकी संगठन , या कोई खालिस्तानी गुट , या फिर छत्तीसगढ के नक्सली , इनमे से अगर एक भी सुरक्षा व्यवस्था को धता बताकर अपना खेल खेल गया तो , कौन सा मुँह लेकर खुद को किसान कहेंगें ????

योगेन्द्र यादव ,कब से किसान नेता हो गया ??? राकेश टिकैत की कौन सी क्रेडिबिलिटी है ???

ये सारा स्वांग 26 जनवरी पर दिल्ली मे अराजकता फैलाने के उद्देश्य से रचाया जा रहा है। पूरा विपक्ष एकजुट है । हरियाणा के आंदोलनकारी किसान मूल रूप से कांग्रेस के गुर्गे है ।

पंजाब के किसानो मे खालिस्तानी तत्व घुसे है । यूपी , और राजस्थान से आये किसान नेता विशुद्ध रूप से मौकाटेरियन है , जो जलती आग मे हाथ सेंकने आये है ।

कथित आंदोलन पहले से ही कम्युनिस्टो और जेहादी तत्वो ने हाईजैक कर रखा है । अगर दिल्ली मे कोई हादसा हुआ , तो सरकार को सख्ती से , इस कथित आंदोलन का दमन करना होगा ।

अगल आंदोलन को कुचला गया , तो बीजेपी के लिए 2024 आसान नही होगा , क्योंकि अगर ऐसा हुआ तो किसानो के नाम पर पूरा विपक्ष जार जार रोकर , पूरे भारत मे सहानुभूति की लहर पैदा करेगा ।

जहाँ तक अब तक की अपडेट है ,तो टकराव होना अवशंभावी है । साजिश किसानो को हक दिलाने या कृषि बिलो को वापिस कराने की है ही नही ।
साजिश तो सरकार को अस्थिर करने , बदनाम करने और 2024 मे बीजेपी को सत्ता से दूर रखने के मकसद से रची गई है ............

अगर ऐसा हुआ , तो मोदी जी आपसे एक ही निवेदन है की अगर इनको कुचलना ही आखरी कदम हुआ तो ऐसा कुचलना की लोग चीन के थ्येय आमेन चोक को भी भूल जाये ।

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